Wednesday, 26 October 2016

आंख आने का इलाज

आँख आने का इलाज


















कारण- यह रोग गर्मी के प्रभाव से, धूल-धुआँ लगने से, पौष्टिक पदार्थों की कमी से, मोहल्लों में गन्दगी रहने से आदि कारण वश हो जाता है । यह रोग प्राय: संक्रमण के रूप में फैलता है |

लक्षण - आँखें लाल पड़ जाती हैं, सूज जाती हैं, उनमें खुजली मचती है, पानी आता है और कभी-कभी मवाद भी आने लगता है । कभी-कभी रोगी को बुखार भी आ जाता है ।


आँख आने का उपचार


• यूफ्रेशिया 30 - दो बूंद, एकोनाइट 3x - दो बूंद, बेलाडोना 3x - दो बूंद, शुगर ऑफ मिल्क - 30 ग्रेन-इन सभी को मिला लें । इसकी छ: मात्रायें बनायें । प्रत्येक दो-दो घण्टे के अन्तर से एक-एक मात्रा दें । इससे आँख आना, ज्वर आदि में लाभ होता है ।

• यूफ्रेशिया 3 - दो बूंद, बेलाडोना 30 - एक बूंद, नैट्रम म्यूर 30 - एक बूंद, शुगर ऑफ मिल्क -10 ग्रेन-इन सभी को मिला लें । यह दो मात्रायें हैं। ऐसी एक-एक मात्रा दो-दो घण्टे के अन्तर से देने पर आँखों की लाली, दर्द, पानी या मवाद आना आदि समस्त लक्षणों में लाभ होता है ।

• मर्कसॉल 30 - 5 बूंद, पल्सेटिला 30 - 5 बूंद, आर्जेण्टम नाइट्रिकम 30 - 5 बूंद - इन सभी को मिलाकर एक ड्राम ग्लॉबिल्स में डाल दें । फिर इसमें से 6-6 गोली पानी में घोलकर प्रति दो घण्टे बाद लें । इस प्रकार लेने से सूजाक के कारण आँख आने में लाभ होता है ।


पथ्य - आँखों को स्वच्छ पानी से कई बार धोयें । आँखों पर धूप का काला चश्मा लगायें । आखों को धूप-धुआँ आदि से बचायें । रोगी का सामान स्वस्थ व्यक्ति प्रयोग न करें ।

Tuesday, 25 October 2016

नींद न आने का होम्योपैथिक इलाज


नींद न आने का इलाज
















कारण - मानसिक समस्याएं, पुरानी कब्ज, नशा करना, हृदय-रोग, चाय-कॉफी का अधिक सेवन, अधिक भोजन या अधिक उपवास, दिन में सोना आदि कारणों से रात की नींद नहीं आती है।

लक्षण - रोगी को रात को नींद नहीं आती अथवा आकर बार-बार खुल जाती है जिससे थकान व बेचैनी होती है ।

अनिद्रा का उपचार

● वायामल सीरप-20 बूंद, रोवोल्फिया सपॅन्टिना Q-15 बूंद, एक्वा-1 औंस - इन सभी को मिला लें । यह दो मात्रायें हैं। प्रतिदिन सुबह-शाम एक-एक मात्रा लेने से अनिद्रा-रोग में लाभ होता है ।

● प्लेनटीवल लिक्विड-20 बूंद, कॉफिया क्रुडा Q-10 बूंद, गुनगुना पानी-1 औंस - इन सभी को मिला लें । इस मात्रा को रात को सोते समय रोगी को दे दें-इससे उसे नींद आ जायेगी । यदि कई रातों से लगातार नींद न आ रही हो तो ऐसी ही एक मात्रा दिन में भी दें और एक रात में दें। कुल दो मात्रायें दें ।

● काली ब्रोम Q-5 बूंद, क्लोरल हाइड्रेट Q-3 बूंद, एवेना सैटाइवा Q-15 बूंद, पैसिफ्लोरा Q-20 बूंद, मॉर्फिनम Q-5 बूंद, एक्वा-1 औंस, इन सभी को मिला लें। यह एक मात्रा है | इसे रोगी को रात को सोते समय दें | मस्तिष्क-विकार के कारण नींद न आने पर विशेष रूप से लाभप्रद है।

पथ्य - प्रतिदिन थोड़ा शारीरिक व्यायाम करना, पौष्टिक भोजन लेना, प्रतिदिन स्नान करना-ये अच्छे पथ्य हैं । रात में अच्छी नींद आये-इसके लिये जरूरी है कि रोगी दिन में न सोये ।